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गुरुवार, 4 सितंबर 2014

रेल सफर की पाठशाला


यह लेख नवभारत टाइम्स की वेबसाइट से लिया गया है इसमें लिखी हर जानकारी बहुत ही महत्वपूर्ण है , यह जानकारी और भी लोगों तक पहुचे यही मेरी कोशिश है ( नोट: इस लेख की हर लाइन हूबहू लिखी गई है )

रेलवे ने मुसाफिरों की सहूलियत के लिए जहां हाल ही में एसएमएस अलर्ट की सुविधा शुरू की है, वहीं नॉर्दन रेलवे के सीपीआरओ के अनुसार 1 अप्रैल से कुछ नए नियम भी लागू हो रहे हैं जिन्हें जान कर आपका रेल सफर और सुहाना बन सकता है। रेल यात्रा को और आरामदायक बनाने वाली ऐसी ही तमाम जानकारी दे रहे हैं नवीन कृष्णाः

1 अप्रैल (मंगलवार) यानी बदलाव का दिन

सिटिंग अपग्रेडेशन
जिस तरह अभी बर्थ वाले क्लास में अपग्रेडेशन की फ्री सुविधा मुसाफिरों को मिल रही है, वही सुविधा सिटिंग क्लास में भी शुरू की जाएगी। रेलवे का दावा है कि 1 अप्रैल 2014 से सेकंड सिटिंग (2S) के टिकटधारकों को स्पेस रहने पर चेयरकार (CC) में अपग्रेड कर दिया जाए। इसी तरह चेयर कार के मुसाफिर अपग्रेड होकर एग्जेक्युटिव क्लास में जा सकेंगे।


वेटिंग लिस्ट
1 अप्रैल से एक और बदलाव हो जाएगा। इसके तहत ट्रेन का चार्ट तैयार होने तक उस ट्रेन में तय कोटे की जितनी भी सीटें खाली रह जाएंगी, उनसे जनरल वेटिंग लिस्ट पहले क्लियर की जाएगी। इसके बाद भी सीटें बच जाती हैं तो तत्काल की सीटें क्लियर की जाएंगी।

SMS अलर्ट
यह योजना हाल ही में शुरू की गई है। इसके तहत टिकट रिजर्वेशन के बाद स्टेटस बदलने पर यानी वेटिंग से आरएसी, आरएसी से कन्फर्म, वेटिंग से कन्फर्म या अपग्रेडेशन जैसी सभी जानकारियां आपको मोबाइल पर मिल जाएंगी। इसके लिए आपको कहीं कॉल करने या काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं है। ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद बर्थ नंबर, बोगी नंबर या आरएसी नंबर का पता आपको एसएमएस से मिल जाएगा। इतना ही नहीं, यदि आपकी सीट में कुछ बदलाव हुआ है जैसे अपग्रेडेशन आदि तो इसकी जानकारी भी एसएमएस के जरिए मिल जाएगी। एसी फर्स्ट क्लास की सीटों की जानकारी लिस्ट बनते ही एसएमएस से मिल जाएगी।

रेल की हमसफर साइट्स
indianrail.gov.in

क्या है खासः
- यह रेलवे की एक ऐसी साइट है, जो दूसरी साइट्स से भी आपको कनेक्ट कर देती है।
- यहां पीएनआर स्टेटस चेक करने के साथ ही आप जिस ट्रेन में रिजर्वेशन कराना चाहते हैं, उसमें सीटों की उपलब्धता भी देख सकते हैं।
- अगर आप रेलवे के नियमों को जानना चाहते हैं तो वे भी यहां उपलब्ध हैं।

कैसे करें इस्तेमालः
- आप जैसे ही यह पेज खोलेंगे लेफ्ट साइड में कई लिंक मिलेंगे।
- इसके लेफ्ट में Information सेक्शन में rules मिलेगा। इस पर क्लिक कर आप रिजर्वेशन और रिफंड समेत दूसरे नियमों की जानकारी ले सकते हैं।
- यहीं पर Current Booking Availability का भी ऑप्शन है, जहां क्लिक कर आप देश भर में किसी भी स्टेशन पर करंट कोटे के तहत खाली सीटों का स्टेटस पता कर सकते हैं। चार्ट बन जाने के बाद खाली बची सीटों को करंट कोटा कहते हैं।
- इसके टॉप लेफ्ट में Services का सेक्शन है जिसमें National Train Enquiry System का लिंक मिलेगा। यहां से आप किसी भी ट्रेन का रनिंग स्टेटस जान सकते हैं। टॉप राइट साइड पर Internet Reservation पर क्लिक कर आप ऑनलाइन रिजर्वेशन की साइट पर जा सकते हैं। यहां पीएनआर स्टेटस चेक करने की भी सुविधा है।
- इस लिंक पर क्लिक करने के बाद जो पेज खुलेगा, उसमें Source Station मिलेगा। इसमें आप अपने स्टेशन का नाम डालकर Get Availability पर क्लिक कर दें। यदि उस वक्त तक चार्ट बनने के बाद उस स्टेशन पर किसी ट्रेन में सीटें रिजर्व होने से बाकी रह गई हैं तो उनका स्टेटस आपको मिल जाएगा।
- करंट रिजर्वेशन उन सीटों का होता है, जो चार्ट बनने के बाद भी खाली रह जाती हैं। इनका रिजर्वेशन करंट काउंटर से होता है और इन्हें ऑनलाइन बुक नहीं कराया जा सकता। यह काउंटर 24 घंटे खुला रहता है। यहां हर उस ट्रेन का करंट टिकट मिलता है जिसका चार्ट बन (अमूमन ट्रेन खुलने के 4 घंटे पहले) चुका है। ट्रेन खुलने तक टिकट खरीदे जा सकते हैं।

तत्काल और करंट का अंतर
तत्काल और करंट में अंतर यह है कि तत्काल टिकटों के लिए जहां अडिशनल चार्ज देना पड़ता है, वहीं करंट सीटों का रिजर्वेशन नॉर्मल फेयर पर ही होता है।

irctc.co.in
क्या है खासः
- अगर आप ऑनलाइन टिकट बुक कराना चाहते हैं तो आपको इस साइट पर जाना होगा।
- यहां लॉगइन क्रिएट करने के बाद आप ऑनलाइन टिकट रिजर्व करा सकते हैं। यहां आप क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से पेमेंट कर सकते हैं।
- अगर आप नहीं चाहते कि नेट बैंकिंग या किसी कार्ड से पेमेंट करें तो आप आईआरसीटीसी की ewallet स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
- ऑनलाइन बुक कराए गए टिकट ऑनलाइन ही कैंसल हो सकते हैं। यहां से आप करंट छोड़कर सभी तरह के टिकट बुक करा सकते हैं। रियायती टिकट भी बुक कराए जा सकते हैं।

क्या है eWallet
eWallet रेलवे में आपका वह ऑनलाइन अकाउंट है जिसमें अधिकतम 10 हजार रुपए रख सकते हैं। फायदा यह होगा कि जब आप टिकट बुक कराते हैं तो आपको पेमेंट के लिए किसी बैंकिंग गेटवे का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी और इससे आपका वक्त बचेगा। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको irctc.co.in पर लॉगइन करना होगा। जहां टीडीआर और रिफंड के लिंक हैं, उसके ठीक नीचे eWallet के लिए रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन मिलेगा। जैसे ही आप इसे क्लिक करेंगे आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आपके पैन कार्ड का नंबर और कार्डधारक का फर्स्ट नेम पूछा जाएगा। इसे भरने के बाद पासवर्ड क्रिएट करने और फिर रजिस्ट्रेशन चार्ज देने का ऑप्शन मिलेगा। रजिस्ट्रेशन चार्ज 250 रुपए है। यहां आप क्रेडिट-डेबिट कार्ड आदि से पेमेंट कर सकते हैं।

trainenquiry.com
यह नैशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम है, जहां से आप रनिंग ट्रेनों का स्टेटस पता कर सकते हैं।

क्या है खास
- साइट खुलते ही आपके सामने spot your train, station, trains between stations, trains cancelled, rescheduled और diverted के ऑप्शन मिलेंगे। इन्हें क्लिक कर मनचाही जानकारी ले सकते हैं।

spot your train
क्या है खासः
- ट्रेन की करंट लोकेशन जानने के लिए यह बेहतरीन साइट है।
- अगर आपको किसी को रिसीव करने या स्टेशन पर ट्रेन पकड़वाने जाना है तो इससे जानकारी लेकर आप कीमती वक्त बचा सकते हैं।
- इसके अलावा इस साइट पर कैंसल, रि-शेड्यूल और जिन ट्रेनों का रूट डायवर्जन हुआ है, उनकी भी जानकारी ली जा सकती है।

कैसे करें इस्तेमाल
- इस पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने जो पेज खुलेगा, उसमें Enter train name/no. मिलेगा।
- इसके सामने बने बॉक्स में ट्रेन का नाम या नंबर लिखें। फिर Journey/Boarding/Arrival station में जिस स्टेशन पर आप ट्रेन की पोजिशन जानना चाहते हैं, उस स्टेशन का नाम लिखें।
- फिर अगले कॉलम Journey/Boarding/Arrival date में तारीख भी डालें। इसके बाद आप यह जान सकेंगे कि आपने जिस स्टेशन की बाबत जानकारी मांगी है, वहां ट्रेन राइट टाइम आ रही है या लेट है। यहां स्टेशन पहुंचने में लगने वाले अनुमानित वक्त का भी पता चल सकता है।
- जो नया पेज खुलेगा, उसमें राइट साइड में नीचे की ओर view full running का ऑप्शन मिलेगा। यहां से आप ट्रेन ने जितनी दूर का सफर किया है, वहां किस स्टेशन पर कितनी लेट पहुंची, यह भी जान सकते हैं।
- station पर क्लिक कर आप किन्हीं दो स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेनों, उनकी टाइमिंग और उनकी पोजिशन की जानकारी ले सकते हैं।
- जैसे ही नया पेज खुलेगा, उसमें Enter station to get trains में आप जहां से सफर करना चाहते हैं उस स्टेशन का नाम डाल दीजिए।
- नेक्स्ट कॉलम Going to (Optional) में चाहें तो स्टेशन का नाम लिखें या न लिखें। आपको वहां 2 से 8 घंटे के बीच छूटने या गुजरने वाली सभी ट्रेनों का पता चल जाएगा।
- train between stations पर क्लिक कर आप किन्ही भी दो स्टेशनों के बीच चलने वाली हर ट्रेन की जानकारी ले सकते हैं। यहां from और to के आगे बॉक्स भरने के बाद go पर क्लिक कर दें। पल भर में आपके सवाल का जवाब मिल जाएगा।

indiarailinfo.com
यह हालांकि भारतीय रेलवे की ऑफिशल वेबसाइट नहीं है, लेकिन इस पर कई जानकारी काम की हैं। मसलन, यहां यह पता किया जा सकता है कि एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें वाया किधर से जाती हैं और उनका किराया क्या है।

facebook
फेसबुक पर आप Delhi Division Northern Railway का पेज मौजूद है। About पर जाकर जब http://122.252.248.147:8084/MultiStnTAD/ पर क्लिक करेंगे तब आप नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर ट्रेनों के अराइवल-डिपार्चर की जानकारी के साथ ही यह भी जान सकते हैं कि ट्रेन किस प्लैटफॉर्म पर आएगी या रवाना होगी।

इसके नीचे एक और लिंक है http://122.252.248.145:8182/RW इस पर क्लिक कर दिल्ली के पांच स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, सराय रोहिल्ला और आनंद विहार से खुलने वाली किसी भी ट्रेन में चार्ट तैयार होने के बाद कितनी सीटें बची हैं, की जानकारी ली जा सकती है।

चलती ट्रेन में पेट पूजा
वह दिन गए, जब सफर का प्लान बनते ही ट्रेन में खाने के लिए क्या-क्या ले जाएं, इस बात की चर्चा और तैयारी होने लगती थी। अब लोग स्टेशनों से खाना पैक कराकर या पैंट्री कार में मिलने वाले खाने के सहारे सफर करने लगे हैं। हालांकि पैंट्री कार में मनपसंद भोजन नहीं मिलने और दूसरी तमाम वजहों से नया कॉन्सेप्ट डिवेलप हुआ है। यह है रनिंग ट्रेन में ऑर्डर पर खाना पहुंचाने का।

कहां से आएगा खाना
Comesum
इसके टोल फ्री नंबर 1800-103-4141 या 011-41100100 पर फोन कर आप अपने लिए खाना मंगा सकते हैं। ट्रेन रूट में जिस स्टेशन पर इसके आउटलेट होंगे, वहां खाने की डिलिवरी कर दी जाएगी। इन नंबरों पर आप कभी भी फोन कर सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि खाने का ऑर्डर एक घंटे पहले दे दें। खाने का ऑनलाइन ऑर्डर www.comesum.com पर भी दे सकते हैं। हालांकि इसके बाद भी आपके मोबाइल पर कन्फर्मेशन कॉल करने के बाद ही खाने की डिलिवरी होती है।

travelkhana.com
यहां से खाना बुक कराने के लिए आपको 08800-31-31-31 पर सुबह 7 से रात 10 बजे के बीच कॉल करना होगा। यहां भी कमसम की तरह ऑनलाइन खाना बुक करा सकते हैं जिसका मेसेज भी साइट पर दर्ज किए हुए मोबाइल नंबर पर ही आएगा।

टिकट रिफंड के नियम
कई बार किसी कारणवश यात्रा टालनी या रद्द करनी पड़ती है ऐसे में रिफंड के नियम जानना बहुत जरूरी है। डालते हैं इन पर एक नजरः
कन्फर्म टिकटः
डिपार्चर टाइम से 48 घंटे पहले तक
एसी फर्स्ट और इग्जेक्युटिव क्लासः 120 रुपए
एसी सेकंड और फर्स्ट क्लासः 100 रुपए
थर्ड एसी और इकॉनमी और चेयरकारः 90 रुपए
स्लीपरः 60 रुपए
सेकंड सीटिंगः 30 रुपए

(रेलवे इतना चार्ज प्रति पैसेंजर काटेगा)
डिपार्चर टाइम से 48 से 6 घंटे पहले तक - 25 फीसदी रकम कट जाएगी
डिपार्चर टाइम से 6 घंटे पहले से लेकर 2 घंटे बाद तक - 50 फीसदी रकम कटेगी
डिपार्चर टाइम के 2 घंटे बाद - कोई रकम रिफंड नहीं होगी, इससे पहले अगर रिफंड चाहते हैं तो आपको टीडीआर भरना पड़ेगा।

वेटिंग और आरएसी टिकटः
वेटिंग और आरएसी टिकटों को रिफंड करने पर सिर्फ क्लर्केज चार्जेज कटते हैं। आरएसी और वेटिंग के टिकट पर नॉन एसी में 30 रुपए प्रति पैसेंजर और एसी में 35 रुपए प्रति पैसेंजर कटते हैं। अगर ई-टिकट है तो वेटिंग खुद-ब-खुद कैंसल हो जाती है। आरएसी होने पर ट्रेन डिपार्चर टाइम के 3 घंटे बाद तक टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट) फाइल की जा सकती है।

क्या है TDR
ट्रेन छूट जाने पर आप टिकट को एक फॉर्म भर कर (ऑनलाइन और ऑफलाइन) स्टेशन पर जमा कर सकते हैं। रेलवे नियमानुसार 60 दिनों में रिफंड करेगी।

रिजर्वेशन के लिहाज से इनका है अंदाज अलग
अमूमन ट्रेनों में रिजर्वेशन 60 दिन पहले कराया जा सकता है लेकिन कुछ खास ट्रेनें हैं, जिनके रिजर्वेशन नियम अलग हैं। नॉर्दर्न रेलवे की इन चंद ट्रेनों में रिजर्वेशन सिर्फ 30 दिन पहले ही होता है।
12419/12420 गोमती एक्सप्रेस
12279/12280 ताज एक्सप्रेस
14095/14096 हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस
12497/12498 शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस
14721/14722 नई दिल्ली-श्री गंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस
14731/14732 नई दिल्ली-बठिंडा एक्सप्रेस
14211/14212 आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस
12459/12460 अमृतसर-इंटरसिटी एक्सप्रेस
14681/14682 नई दिल्ली-जालंधर एक्सप्रेस
14043/14044 दिल्ली-कोटद्वार गढ़वाल एक्सप्रेस
14209/14210 लखनऊ-इलाहाबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस
14215/14216 गंगा-गोमती लखनऊ-इलाहाबाद एक्सप्रेस
14203/14204 वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस
14315/14316 बरेली-नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस
14519/14520 दिल्ली-बठिंडा किसान एक्सप्रेस
14525/14526 अंबाला-श्रीगंगानगर इंटरसिटी एक्सप्रेस
14711/14712 हरिद्वार-श्री गंगानगर एक्सप्रेस

इसके अलावा ट्रेन नंबर 4001/4002 दिल्ली-अटारी लिंक एक्सप्रेस में रिजर्वेशन सिर्फ 15 दिन पहले ही कराया जा सकता है।

JTBS की सुविधा
जन साधारण टिकट बुकिंग सेवक का कॉन्सेप्ट टिकट काउंटरों से भीड़ कम करने के लिए बनाया गया है। यहां से आप प्लेटफॉर्म टिकट, अनारक्षित ट्रेन टिकट ले सकते हैं। साथ ही एमएसटी भी रिन्यू करा सकते हैं। इसके लिए आपको प्रति यात्री 1 रुपए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है। नॉर्दर्न रेलवे ने 55 स्टेशनों के लिए ऐसे 152 सेंटर खोले हैं। दिल्ली में कुछ जेटीबीएस स्टेशन के पास न होकर दूसरे इलाकों में भी हैं।

कन्फर्म टिकट का ट्रांसफर
आमतौर पर सीट या बर्थ जिस शख्स के नाम रिजर्व हो, वहीं शख्स उस टिकट पर जर्नी कर सकता है। नॉर्दन रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक महत्वपूर्ण स्टेशनों पर चीफ कमर्शल मैनेजर (रिजर्वेशन), असिस्टेंट कमर्शल मैनेजर (रिजर्वेशन) और चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को एप्लिकेशन देकर किसी दूसरे शख्स के नाम से नया टिकट जारी कराया जा सकता है।

किन हालात में होगा टिकट ट्रांसफर
- यदि कोई सरकारी कर्मचारी ऑन ड्यूटी हो और उसका अधिकारी गाड़ी के डिपार्चर से 24 घंटे पहले इस बाबत लिखित अनुरोध करे।
- कोई मुसाफिर अपना टिकट परिवार के सदस्यों यानी, अपने पैरंट्स, भाई, बहन, बेटा, पति या पत्नी के नाम पर ट्रांसफर कराना चाहे।
- यदि किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान के स्टूडेंट ट्रेन से सफर करने वाले हों और वहां का चीफ डिपार्चर टाइम से 48 घंटे पहले रेलवे को सूचित करे। ऐसे में रिजर्व सीट किसी अन्य स्टूडेंट के नाम ट्रांसफर कर दी जाती है।
- यदि बारात जाने वाली हो और बारात का मुख्य आदमी (बुकिंग फॉर्म पर साइन करने वाला) 48 घंटे पहले यह रिक्वेस्ट करे तो बर्थ या सीट किसी अन्य शख्स के नाम अलॉट की जा सकती है।
- याद रखें कि ऐसी रिक्वेस्ट सिर्फ एक बार ही स्वीकार की जाती है।

मदद की घंटीः हेल्पलाइन

1322
नॉर्दर्न रेलवे की यह हेल्पलाइन पिछले महीने ही लॉन्च की गई है। दिल्ली और लखनऊ समेत 731 स्टेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध है। अगर किसी के साथ कोई वारदात जैसे चोरी, उत्पीड़न या दुर्घटना हो तो इस नंबर पर मदद के लिए फोन कर सकता है। यह हेल्पलाइन 24 घंटे काम करती है।

011-23340000
यह आईआरसीटीसी का कस्टमर केयर नंबर है। अगर आईआरसीटीसी की सर्विसेज के बारे में कोई जानकारी चाहिए तो इस नबंर पर 24 घंटे फोन कर सकते हैं। मिसाल के तौर पर अगर आपको टिकट रिफंड का स्टेटस जानना है तो कॉल करके एनआर नंबर बताने पर इसकी जानकारी भी इस नंबर से मिल सकती है।

1800111321
रेलवे कैटरिंग को लेकर किसी तरह की शिकायत इस टोल फ्री नंबर पर की जा सकती है। इस नंबर पर पूरे देश से खाने में किसी भी कमी के मिलते शिकायत की जा सकती है। यह सर्विस सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक काम करती है।

9717630982
रेलवे की किसी भी सेवा में गड़बड़ी की शिकायत नॉर्दर्न रेलवे के इस नंबर पर एसएमएस के जरिए की जा सकती है। हालांकि आपको ध्यान रखना होगा कि एसएमएस 140 कैरेक्टर से अधिक हो। इस नंबर पर कॉल नहीं लगेगा।

पहचान में 10 का दम
इन 10 डॉक्यूमेंट्स को रेलवे तत्काल टिकट होने पर पहचान साबित करने के लिहाज से वैलिड मानता हैः
1 -वोटर कार्ड
2 -पासपोर्ट
3 -पैन कार्ड
4 -ड्राइविंग लाइसेंस
5 -सरकारी दफ्तरों के पहचान पत्र
6 -मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेजों के स्टूडेंट के आई कार्ड
7 -नैशनलाइज्ड बैंक का फोटो वाला पासबुक
8 -फोटो वाला क्रेडिट कार्ड
9 -आधार कार्ड
10 -जिला प्रशासन, म्युनिसिपल बॉडी और पंचायत द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र जिसमें सीरियल नंबर लिखा हो

(यदि आप स्लीपर या सेकंड सिटिंग क्लास में सफर कर रहे हैं तो फोटो वाला राशन कार्ड और पासबुक की अटेस्टेड कॉपी भी वैलिड होंगी)

बड़े काम के ऐप
ixigo indian rail & trains irctc
इससे आप दो स्टेशनों के बीच कौन-कौन सी ट्रेनें चलती हैं, यह सर्च कर सकते हैं। इसके अलावा, जर्नी डेट के छह दिन पहले और छह दिन बाद तक उन स्टेशनों के बीच कौन-कौन सी ट्रेनें हैं, यह भी चेक कर सकते हैं। साथ ही ट्रेनों के नाम और नंबर, रनिंग स्टेटस, पीएनआर स्टेटस जानने के साथ भी बर्थ लोकेशन भी देख सकते हैं। अगर मान लें कि आपने एसी सेकंड में 24 नंबर का बर्थ बुक कराया है तो बोगी में यह सीट किस लोकेशन पर होगी, यह भी चेक कर सकते हैं। साथ ही, यहीं से irctc.co.in से भी कनेक्ट कर सकते हैं।

जिनके पास ऐंड्रॉयड फोन है, वे गूगल प्ले से इस ऐप को फ्री डाउनलोड कर सकते हैं।
Rail Yatri
इसे भी गूगल प्ले से ऐंड्रॉयड फोन पर और विंडोज पर भी फ्री डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें आपके नजदीकी स्टेशनों से चलने या गुजरने वाली नई ट्रेनों की जानकारी, ट्रेनों के रूट में बदलाव, ट्रेन के रनिंग स्टेटस के अलावा पीएनआर स्टेटस, टाइम टेबल आदि की जानकारी मिलती है। इस ऐप का दावा है कि यहां ट्रेन स्पीड के जानकारी भी मिल सकती है।

Cleartrip
जो लोग मोबाइल से ट्रेन टिकट बुक कराना चाहते हैं, यह ऐप उनके लिए मददगार है। इसे गूगल प्ले से एंडॉयड पर और आईओएस, विंडोज और ब्लैकबेरी पर फ्री डाउलोड किया जा सकता है। आप अपने आईआरसीटीसी अकाउंट को इसमें सेव कर सकते हैं। तत्काल टिकटों की बुकिंग के पहले दो घंटे यानी सुबह 10 से 12 बजे के अलावा, बाकी समय में इसका उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही आपको यह ट्रेनों की जानकारी, सीटों की उपलब्धता, शेड्यूल, टाइमटेबल, फेयर, पीएनआर स्टेटस और किसी भी ट्रेन का दो स्टेशनों के बीच अराइवल और डिपार्चर का क्या शेड्यूल है, इसकी भी जानकारी मुहैया कराता है।

IRCTC App
यह आईआरसीटीसी का ऑफिशल ऐप है। यहां आप ट्रेन रिजर्वेशन से लेकर पीएनआर स्टेटस तक की जानकारी ले सकते हैं। हालांकि आईआरसीटीसी ने इसको अभी विंडोज पर ही उतारा है जिसे फ्री डाउनलोड किया जा सकता है।



आभार : नवभारत टाइम्स
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बुधवार, 20 अगस्त 2014

अपने रेल टिकट की भाषा को जानिए




यह लेख  नवभारत टाइम्स की वेबसाइट से लिया गया है इसमें लिखी हर जानकारी बहुत ही महत्वपूर्ण है ,  यह जानकारी और भी लोगो तक पहुचे यही मेरी कोशिश है ( नोट: इस लेख की हर लाइन हूबहू लिखी गई है )

रेल यात्रा के दौरान हमारी नजर अगर किसी चीज पर कम जाती है तो वह है हमारा रेल टिकट, लेकिन टिकट पर लिखी हर बात का मतलब आपको पता होना बहुत जरूरी है। रेल टिकट पर लिखी कोड भाषा का मतलब समझा रहे हैं अमित मिश्रा...

कितनी तरह के रिजर्वेशन
यह जानना दिलचस्प है कि भारतीय रेल में रिजर्वेशन कितनी तरह का होता है। इस समय भारतीय रेल में आप तीन तरह से रिजर्वेशन पा सकते हैं :


- टिकट विंडो पर जाकर पारंपरिक तरीके से रिजर्वेशन
- ऑनलाइन ई-रिजर्वेशन 
- ऑनलाइन आई-रिजर्वेशन

E और I टिकट
आजकल ई-टिकट यानी इलेक्ट्रॉनिक टिकट का जमाना है। हर कोई टिकट रिजर्वेशन के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहा है। यहां रिजर्वेशन के दो ऑप्शन हैं। ई-रिजवेर्शन और आई-रिजर्वेशन। भले ही दोनों रिजर्वेशन घर बैठे कंप्यूटर से कराए जाते हैं लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं।


- अगर आप फिजिकल टिकट चाहते हैं और टिकट विंडो पर जाने से भी बचना चाहते हैं तो आपको आई-टिकट लेना चाहिए। इस टिकट के साथ यात्रा करने पर आपको कोई आईडी प्रूफ दिखाने की जरूरत नहीं है।


ई-टिकट के साथ अगर यात्रा कर रहे हैं तो यात्रा के दौरान आपके पास आईडी प्रूफ होना चाहिए।

- आई-टिकट दिए गए पते पर पोस्ट से पहुंचता है। आई-टिकट के लिए यात्रा से तीन दिन पहले बुकिंग करवानी पड़ेगी जबकि ई-टिकट यात्रा के कुछ घंटों पहले भी लिया जा सकता है।


- आई-टिकट के लिए आपको डाक खर्च भी भरना पड़ेगा जबकि ई-टिकट में आपका काम प्रिंटआउट या एसएमएस से भी चल सकता है।


- ई-टिकट के कई प्रिंट निकाले जा सकते हैं। आई-टिकट दोबारा लेने के लिए आपको फिर से चार्ज देना होगा। दोबारा आई-टिकट पाने के लिए आपको अपना पीएनआर नंबर भी याद होना चाहिए।


पैसेंजर की पहचान PNR
 

टिकट खिड़की से लिए गए पारंपरिक रिजर्वेशन टिकट के लेफ्ट साइड में ऊपर की ओर यह नंबर होता है। यह नंबर यूनीक होता है और इसे पैसेंजर नेम रेकॉर्ड नंबर कहा जाता है। यह टिकट आपका ही है और इस पर आप ही सफर कर रहे हैं इसका पता इस नंबर से ही चलता है। रेल का टिकट चूंकि नॉन ट्रांस्फरेबल होता है इसलिए आपके टिकट पर कोई और सफर करने का अधिकारी नहीं है। इस लिहाज से यह नंबर रेलवे और आपके दोनों के लिए ही बहुत महत्वपूर्ण है। इंटरनेट या फोन, किसी भी माध्यम से अपने टिकट पर यात्रा की जानकारी आपके पीएनआर नंबर के जरिए ही मिलेगी। अच्छा होगा कि सफर की शुरुआत से पहले अपने पीएनआर नंबर को कहीं लिख लें या मोबाइल में सेव कर लें क्योंकि टिकट खो जाने की हालत में यही आपकी मदद करेगा। पीएनआर नंबर की मदद से आप ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम, डेस्टिनेशन की जानकारी, सफर का क्लास, टिकट का स्टेटस, पैसेंजर कोच और सीट नंबर का पता कर सकते हैं।
 
रूट की जन्म कुंडली 'ट्रेन नंबर'
 

रिजर्वेशन टिकट पर जो दूसरा महत्वपूर्ण नंबर नजर आता है, वह है ट्रेन नंबर। ऐसा नहीं है कि यह नंबर बस ऐसे ही लिख दिया गया है। इस नंबर में ही आपकी ट्रेन के रूट के राज छुपे हैं। ट्रेन नंबर 5 डिजिट का होता है और इसका हर नंबर कुछ न कुछ कहता है। पहला नंबर यह बताता है कि जिस ट्रेन में आप सफर कर रहे हैं, वह किस तरह की पैसेंजर ट्रेन है। आपको थोड़ा आइडिया देते हैं- अगर आपके रिजर्वेशन टिकट पर लिखे ट्रेन नंबर की पहली डिजिट 0 है तो आप समर स्पेशल, हॉलिडे स्पेशल या अन्य स्पेशल ट्रेन में सफर करने वाले हैं। अगर पहली डिजिट 1 या 2 है तो लंबी दूरी की ट्रेन है जिसमें राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनें भी शामिल हैं। 3 नंबर से शुरू होने वाले ट्रेन नंबर कोलकाता की लोकल ट्रेनों का होता है। 4 नंबर से शुरू होने वाला ट्रेन नंबर दिल्ली, चेन्नै, सिकंदराबाद जैसे मेट्रो शहरों की रेल सेवाओं का होता है। 5 नंबर परंपरागत तरीके की ट्रेनों का होता है। 6 नंबर से शुरू होने वाली ट्रेनें मेमू होती हैं और 7 नंबर से शुरू होने वाली डेमू। हाल ही में रिजर्व की गई ट्रेन का नंबर 8 होता है और 9 नंबर से शुरू होने वाली ट्रेन मुंबई लोकल की होती हैं। इसी तरह आगे के चार और डिजिट भी अलग-अलग तरीके से ट्रेन के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। भारतीय रेलवे के एक्सपर्ट ट्रेन नंबर देख कर ही ट्रेन के रूट की पूरी जानकारी दे सकते हैं।

इसके अलावा, रिजर्वेशन टिकट पर आसानी से समझ में आने वाली जानकारी, जैसे यात्रा की दूरी, तारीख और एडल्ट और बच्चों की जानकारी आपको आसानी से समझ में आ जाएगी। इसके अलावा टिकट का एक नंबर होता है जिससे जरूरत पड़ने पर यह पता लगाया जा सकता है कि यह कहां से लिया गया है। ई-रिजर्व टिकट पर आपको टिकट नंबर की जगह ट्रांजैक्शन नंबर मिलेगा। इसके नीचे आपको आपकी जर्नी के क्लास और आने-जाने की जगह का नाम मिलेगा। ई-टिकट पर तो आपको अपना फोन नंबर और पता लिखने का ऑप्शन भी मिलता है जो प्रिंटआउट में साफ दिखता है। अगर आपका टिकट कंफर्म है तब तो चिंता नहीं है लेकिन अगर कहीं वेटिंग का चक्कर है तो आपको रेलवे की अंग्रेजी की पाठशाला फिर से जॉइन करनी पड़ेगी।

WL का चक्कर : अपने टिकट कंफर्म न होने की टेंशन आपको होगी ही, साथ ही शॉर्ट फॉर्म में लिखे अंग्रेजी के कुछ अक्षर आपकी धड़कनें और बढ़ाएंगे। आइए नजर डालते हैं वेटिंग लिस्ट के कुछ ऐसे ही शॉर्ट फॉर्म्स पर और उनके मतलब पर...

RLWL: इसका मतलब है रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट। अगर दो बड़े स्टेशनों के बीच का कोई ऐसा स्टेशन है जहां से ज्यादा ट्रेनें मौजूद नहीं हैं तो वहां के यात्री को किसी कैंसलेशन की स्थिति में पहले सीट दी जाएगी। अगर इस तरह की वेटिंग लिस्ट ज्यादा भी है फिर भी सीट मिलने के चांस ज्यादा होते हैं।

PQWL: कई छोटे स्टेशनों को जरूरत के हिसाब से कोटे में कुछ सीटें दी जाती हैं। अगर इन स्टेशनों से आप अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं और आपका टिकट वेटिंग में है तो आप पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट में आते हैं। इसका मतलब है कि पूल्ड कोटे के सारे टिकट रिजर्व हो चुके हैं और आप उस कोटे में वेटिंग लिस्ट में हैं।

CKWL : जब आप तत्काल कोटे में टिकट लेते हैं और आपकी टिकट वेटिंग में होती है तो इसे करंट कोटा वेटिंग लिस्ट में रखा जाता है। आमतौर पर इस तरह की वेटिंग लिस्ट 10 तक होने पर कंफर्म हो जाती है।

RQWL : इसे रिक्वेस्ट वेटिंग लिस्ट कहते हैं। अगर रूट में कोई पूल्ड कोटा नहीं है तो इस तरह की वेटिंग लिस्ट को बनाया जाता है।

कोटे तेरे कितने नाम
हर ट्रेन में कई तरह के रिजर्वेशन कोटे भी होते हैं जिनका शॉर्ट फॉर्म जनाना भी आपके काम आ सकता है।

LD : लेडीज कोटा
HQ: हाई ऑफिशल या हेडक्वॉर्टर कोटा
DF: डिफेंस कोटा
OS: आउट स्टेशन कोटा
RS: रोड साइड कोटा, बड़े स्टेशनों के बीच के ऐसे स्टेशन जो कंप्यूटराइज्ड नेटवर्क से न जुडे़ हों तब उन्हें रोड साइड कोटे में रख कर टिकट रिजर्व किए जाते हैं। इनमें वेटिंग लिस्ट भी होती है।
PH: पार्लियामेंट हाउस कोटा
FT: फॉरेन टूरिस्ट कोटा
DP: ड्यूटी पास कोटा
HP: हैंडिकैप कोटा
SS: सीनियर सिटीजन कोटा

UP-DOWN को भी समझें
जिस स्टेशन से ट्रेन शुरू होती है और अपने डेस्टिनेशन की तरफ जाती है तो वह अप ट्रेन कहलाती है। वापस आने की यात्रा को डाउन जर्नी कहते हैं। अगर कोई ट्रेन दिल्ली से अहमदाबाद के लिए शुरू हो रही है तो इसे अहमदाबाद की ओर अप ट्रेन कहेंगे जब यह वापस आएगी तो इसे अहमदाबाद से डाउन कहेंगे। डाउन ट्रेन का नंबर अप से एक ज्यादा रहता है। जैसे अगर अप ट्रेन का नंबर 20145 है तो डाउन का नंबर 20146 होगा।

सीट भी जान लें
अगर टिकट कंफर्म है तो सीट नंबर के अलावा टिकट देखकर आप उसकी पोजिशन भी जान सकते हैं। अगर आपकी बर्थ नंबर के सामने LB लिखा है तो इसका मतलब है लोअर यानी नीचे वाली बर्थ, अगर लिखा है MB तो इसका मतलब मिडल बर्थ, UB का स्वाभाविक मतलब है अपर बर्थ। इसके अलावा, अगर SU और SL लिखा है तो इसका मतलब साइड अपर और साइड लोअर बर्थ है। रेलवे सीनियर सिटिजन के लिए लोवर सीट ही देने की कोशिश करता है, बशर्ते ऐसी सीट उपलब्ध हो। ऑनलाइन रिजर्वेशन करवाने पर उपलब्धता के हिसाब से आप खुद ही सीट चुन सकते हैं।

रेलवे हेल्पलाइन की मदद लें
दिल्ली डिविजन के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) ए. के. सचान ने रेल यात्रियों के रिजर्वेशन से जुड़े सवालों के जवाब दिए...

क्या कोई ऐसा नंबर है जहां जाकर टिकट संबंधी परेशानी को लेकर बात की जा सके?

लोगों को अगर स्टेशन पर कोई परेशानी हो तो स्टेशन मास्टर से संपर्क किया जा सकता है। कंफ्यूजन की स्थिति में यात्री रेलवे की वेबसाइट http://www.indianrail.gov.in/ और http://www.nr.indianrailways.gov.in पर जा सकते हैं। टिकटिंग को लेकर कोई अलग हेल्पलाइन तो नहीं है लेकिन कई तरह की और रेलवे हेल्पलाइन्स मदद कर सकती हैं। हमारी 9717630982 हेल्पलाइन भी मददगार हो सकती है। किसी परेशानी की शिकायत से ही हमें स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी।

क्या ऑनलाइन रिजर्वेशन से टिकट खिड़कियों पर दबाव कुछ कम हुआ है जिससे जरूरत पड़ने पर लोग वहां भी जाकर रिजर्वेशन करवा सकें?
जी हां। ऐसा हुआ है और हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि जिनके पास सुविधा है, वे घर बैठे ही रिजर्वेशन करवा सकें। अगर पास ही रेलवे रिजर्वेशन विंडो है तो जरूरत पड़ने पर इसका फायदा भी उठाया जा सकता है।

आने वाले दिनों में रेलवे रिजर्वेशन सिस्टम में किस तरह के सुधार लाने की कोशिश कर रहा है?
हमारी पहली कोशिश यही है कि हम आईआरसीटीसी के साथ मिलकर सिस्टम को अधिक से अधिक लोगों के लिए रिजर्वेशन करवाने लायक बना सकें। रेलवे को लगातार सर्वर की शिकायतें मिलती हैं। जल्द ही इसमें सुधार के आसार हैं।

रिजर्वेशन को लेकर क्या आम आदमी रेलवे को कोई सुझाव दे सकता है?
हां। हमारा फेसबुक पेज है जहां दिए गए सुझावों पर हम हमेशा गौर करते हैं। इसके अलावा नॉर्दर्न रेलवे की साइट पर जाकर भी फीडबैक और सुझाव दिए जा सकते हैं। फेसबुक पेज यह है : http://www.facebook.com/pages/delhi-division-northern-railway/157913344263788

रिजर्वेशन करवाने वालों के लिए कोई सुझाव?
हमेशा ऑफिशल वेंडर से ही टिकट खरीदें और दूसरों के टिकट पर यात्रा न करें। ऐसा करने पर परेशानियां आपको ही उठानी पड़ेगी।

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रविवार, 7 जुलाई 2013

ट्रेन टिकट रिजर्वेशन के तरीके


कई लोगों को आज भी यही लगता है कि रिजर्वेशन सिर्फ टिकट की लाइन में लगकर ही करवाया जा सकता है। लेकिन नयी से नयी तकनीक आने के बाद यही रिजर्वेशन कई तरीक़ो से करवाया जा सकता है

रिजर्वेशन के तरीके-

1. टिकट विंडो पर जाकर

2. ऑनलाइन IRCTC की साइट से ई-रिजर्वेशन
3. आई रिजर्वेशन

4. एक जुलाई 2013 से SMS द्वारा
 

कई बार लोगों को लगता है कि ई-रिजर्वेशन और आई-रिजर्वेशन एक ही हैं। कई को तो आई-रिजर्वेशन के बारे में पता ही नहीं होता।

ई और आई रिजर्वेशन दोनो ही ऑनलाइन होता है फर्क है तो टिकट में ई-टिकट लेकर यात्रा करते समय आपको आईडी प्रूफ लेकर चलना पड़ेगा। ई-टिकट आपको डाउनलोड करना पड़ता है और उसका प्रिंट निकाल कर यात्रा के लिए ले जाना होता है। यह टिकट वेटिंग क्लियर
नही होने पर कैंसिल भी हो जाता है। यह एक तरह से फेक टिकट होता है। 
अगर आप फिजिकल टिकट चाहते हैं और टिकट विंडो पर जाने से भी बचना चाहते हैं तो आपको आई-टिकट लेना चाहिए इस टिकट के साथ यात्रा करने पर आपको कोई आईडी प्रूफ दिखाने की जरूरत नहीं है। आई-टिकट दिए गए पते पर पोस्ट से पहुंचता है। आई-टिकट के लिए यात्रा से तीन दिन पहले बुकिंग करवानी पड़ेगी जबकि ई-टिकट यात्रा के कुछ घंटों पहले भी लिया जा सकता है। आई-टिकट के लिए आपको डाक खर्च भी भरना पड़ेगा जबकि ई-टिकट में आपका काम प्रिंटआउट या एसएमएस से भी चल सकता है।

रेलवे ने एक जुलाई से एसएमएस के जरिए भी टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको अपने मोबाइल नम्बर को बैंक और IRCTC से रजिस्टर्ड कराना होगा। बैंक आपको पेमंट के लिए MMID (मोबाइल मनी आइडेंटिफायर) और OTP (वन टाइम पासवर्ड) देगा।

MMID और OTP मिल जाने के बाद आप मोबाइल के मैसेज बॉक्‍स में मैसेज टाइप करें। मैसेज के तौर पर Book (स्पेस) ट्रेन का नंबर (स्पेस) स्टेशन (जहां से यात्रा करनी है) का कोड (स्पेस), स्टेशन (जहां तक यात्रा करनी है) का कोड (स्पेस) यात्रा का दिन dd/mm (स्पेस) क्लास (स्पेस) यात्री का नाम (स्पेस) उम्र(स्पेस) M/F (स्पेस) टाइप करना होगा। इसके बाद मैसेज को 139 या 5676714 पर SMS करना होगा। तीसरे चरण के तहत SMS मिलने के बाद IRCTC आपको ट्रांजैक्शन आईडी भेजेगा। अब आपको PAY के आगे ट्रांजैक्शन आईडी और OTP लिखकर SMS भेजना होगा। तीसरा चरण पूरा होते ही टिकट बुक हो जाएगा और पैसा आपके बैंक खाते से कट जाएगा। इसके बाद IRCTC से आपको SMS आएगा। इसमें बताया जाएगा कि आपकी टिकट बुकिंग सफल रही। इस SMS में आपकी यात्रा से  संबंधित पूरा ब्‍योरा रहेगा। यात्रा के दौरान टिकट मांगे जाने पर आप टीटीई को यही SMS दिखाएंगे।लेकिन ये SMS स्कीम सुबह 8 से 12 बजे तक ARP/तत्काल/जनरल टिकट के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी।

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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

अब बिना आईडी प्रूफ के रेल टिकट होगी फर्जी



रेलवे ने अब हर आरक्षित टिकट के साथ आईडी प्रूफ जरूरी कर दिया है। यात्रा के दौरान टिकट के साथ ओरिजनल आईडी प्रूफ दिखाना होगा। आईडी प्रूफ न होने की स्थिति में टीटी आपको बाहर का रास्ता भी दिखा सकता है।

बताया जाता है कि रेलवे ने टिकट आरक्षण की व्यवस्था को दलालों के शिकंजे से निकालने के लिए यह नई व्यवस्था की है। अब तक सिर्फ़ ई-टिकट के साथ ही आईडी दिखाना होता था। इसके लिए रेलवे ने आइडी प्रूफ की सूची भी जारी की हुई है। जिसमें से कोई भी एक दिखाना होगा। रेल प्रवक्ता ने बताया कि आइडी प्रूफ लेकर चलने की जानकारी अब आरक्षित टिकटों में भी अंकित करनी शुरू कर दी है। जिससे यात्रियों को पता चल सके। प्रवक्ता ने बताया कि तत्काल, आरक्षित श्रेणी और वातानुकूलित टिकटों के साथ उसी व्यक्ति का ओरिजनल आईडी प्रूफ दिखाना होगा।

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गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

ट्रेन टिकिट बुकिंग के चांस बढाये


अगर आपको भारतीय रेल(आई आर सी टी सी ) की वेबसाईट पर तत्काल सेवा में टिकिट बुक करवाने की जरुरत पड़ती हैं, तो यह जानकारी आपके काम की हैं ! तत्काल सेवा के तहत टिकिट 'पहले आओ पहले पाओ 'आधार पर बुक किया जाता हैं! वेबसाईट पर बुकिंग सुबह ठीक 8 बजे शुरू होती हैं और कुछ ही सेकिंड में सारे टिकिट बुक हो जाते हैं ! इसके तहत एक ऑनलाइन फार्म में काफी डिटेल्स भरनी होती हैं और जब तक फार्म सबमिट किया जाता हैं ,बुकिंग बंद हो चुकी होती हैं! इसी समस्या को देखते हुए एक खास टूल डवलप किया गया हैं! "मैजिक ऑटोफिल "नामक इस खास टूल की मदद से आप बुकिंग शुरू होने से पहले ही एक अन्य फार्म में सारी डिटेल्स भर सकते हैं और बुकिंग शुरू होते ही एक क्लिक करके ये डिटेल्स आई आर सी टी सी फार्म पर आसानी से पा सकते हैं! 
 कैसे यूज करे "मैजिक ऑटोफिल "
इस लिंक पर जाइये -

यहाँ आपको हुबहू वैसा ही फार्म दिखेगा ,जैसा मूल वेबसाईट पर नजर आता हैं! इसे आप सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होने से पहले ही भर ले फॉर्म कम्प्लीट होने के बाद आई ऍम फिलिंग लकी ' बटन प्रेस करे! आपको "मैजिक ऑटोफिल "का ऑप्शन दिखेगा ! इसे ड्रेग कर बुकमार्क में शामिल कर ले ! जैसे ही मूल वेबसाईट पर बुकिंग शुरू हो, आप वहां फॉर्म ओपन करे और बुकमार्क लिंक को प्रेस करे आपका मूल फॉर्म पलक झपकते ही फिल हो जायेगा ! 
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बुधवार, 14 नवंबर 2012

करंट रिज़र्वेशन की स्थिति देखे


इंडियन रेलवे द्वारा सभी श्रेणियों के लिए, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार और सराय रोहिल्ला स्टेशनों से शुरू होने वाली ट्रेनों में रिज़र्वेशन चार्ट बनने के बाद उपलब्ध खाली सीटों की स्थिति बताने की व्यवस्था शुरू की गई है. जिसे संबंधित स्टेशन का चुनाव कर हिंदी या अंग्रेजी में देखा जा सकता है.


दरअसल लोग चार्ट तैयार होने के बाद मान लेते हैं कि अब उस ट्रेन में आरक्षण का कोई मौक़ा नहीं है। आम तौर पर रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के रवाना होने से चार घंटे पहले तैयार होता है। इसके बाद भी यदि करंट सीटों की स्थिति ऑनलाइन पता चल जाए तो लोग समय पर स्टेशन जाकर सीट बुक करा सकते हैं। इससे चलती ट्रेन में टीटीई की मनमानी पर लगाम लग सकती है.

bspabla
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मंगलवार, 13 नवंबर 2012

जानिए ट्रेन किस प्लेटफार्म से रवाना हो रही है या आने वाली है



आपकी ट्रेन किस प्लेटफार्म से रवाना हो रही है या आने वाली है, इसकी ताज़ा जानकारी भी अब रेलवे ने इंटरनेट पर देनी शुरू कर दी है ! 





फिलहाल यह सुविधा राजधानी दिल्ली के तीन बड़े स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से गुजरने वाली रेल गाड़ियों के लिए है जिसे ज़ल्द ही अन्य स्थानों के लिए शुरू किया जा रहा है. इंटरनेट वाले मोबाइल पर भी यह सुविधा ली जा सकती है।

bspabla
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सोमवार, 15 अक्टूबर 2012

रेल रडार ( ट्रेन की ताजा स्थिति जानिए )

 
 
किसी भी ट्रेन का स्टिक स्‍थान व समय जानने के लिये भारतीय रेल ने गूगल मेप के सहयोग से रेल रडार नामक वेबसाईट का सुभारम्‍भ किया हैं जिसमे माध्‍यम से ट्रेन की वर्तमान स्थिति, जिसमें वर्तमान में ट्रेन कहां पर हैं किस समय अपने नियमित स्‍टेशन पर पहुचेगी आदी की जानकारी प्राप्‍त कर सकते है !
 

इस प्रकार ट्रेन की स्थिति का पता करे - 
 
 

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गुरुवार, 4 अक्टूबर 2012

अपनी ट्रेन की स्थिति को जानिए

 

नयी नयी तकनीको ने अब रेलवे में नयी सुविधाए उपलब्ध करना शुरू कर दिया है ऐसे में एक और नयी सुविधा रेलवे की IT शाखा CRIS ( CENTRE FOR RAILWAY INFORMATION SYSTEMS ) लेकर आया है जिसके जरिये आप किसी भी ट्रेन की वर्तमान स्थिति जान सकते हैं ।


यानि आप एक वेबसाइट के जरिये देख सकते हैं की इस समय आपकी ट्रेन कहाँ पहुंची है  


ये तकनीक अभी Beta चरण में ही है और इस पर प्रयोग चल रहे हैं पर अभी से इसका प्रयोग इसे बेहतर बनाने में मददगार होगा ।

इस वेबसाइट में आप आप ट्रेन नंबर, नाम, गंतव्य स्थान के अनुसार या इन सबके एक साथ उपयोग से भी ट्रेन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।



ध्यान दें - इस वेबसाइट पर जाने के बाद Continue with New Look का विकल्प चुने । 


उम्मीद है यह सुविधा अभी और भविष्य में भी आपकी यात्रा  में सहायक सिद्ध होगी ।
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